प्रशासन की सजगता से रुकवाए गए दो बाल विवाह,,दो नाबालिगों का भविष्य सुरक्षित

✍️ दुर्गेश गुप्ता
📍बलरामपुर, 30 अप्रैल। जिले में बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर रोक लगाने के लिए प्रशासन सतत रूप से सक्रिय है। इसी क्रम में विकासखंड रामचन्द्रपुर के ग्राम ब्राहनगर तथा शंकरगढ़ के ग्राम पटासी में प्रशासन की तत्परता से दो नाबालिगों के विवाह रुकवाए गए।
जानकारी के अनुसार ब्राहनगर में एक नाबालिग बालक तथा पटासी में एक नाबालिग बालिका का विवाह तय किया गया था। सूचना मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और जांच में दोनों की आयु वैधानिक सीमा से कम पाई गई।

टीम ने परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों से अवगत कराते हुए बताया कि विवाह के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष एवं लड़की की 18 वर्ष निर्धारित है। साथ ही बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में समझाइश दी गई। समझाइश के बाद परिजनों ने विवाह स्थगित करने पर सहमति जताई।

प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बाल विवाह जैसी घटनाओं की सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जिले में इस कुप्रथा के उन्मूलन के लिए लगातार जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।



















