महुआ बीनने गई 14 वर्षीय किशोरी को हाथियों ने कुचला, मौके पर दर्दनाक मौत

3 दिन से इलाके में घूम रहा था 22 हाथियों का झुंड, चेतावनी के बावजूद नहीं हुए इंतजाम — ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश

📍बलरामपुर | 4 अप्रैल 2026

बलरामपुर जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। रामानुजगंज-रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम चिनिया मोड़ में शनिवार सुबह जंगली हाथियों के झुंड ने 14 वर्षीय किशोरी को बेरहमी से कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।


मृतका की पहचान पिंकी कुमारी (14 वर्ष), पिता बंबइया, निवासी बरदरिया के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि पिंकी अपने रिश्तेदारों के यहां चिनिया आई हुई थी और सुबह करीब 6 बजे महुआ बीनने जंगल गई थी। इसी दौरान करीब 22 हाथियों का झुंड अचानक वहां पहुंचा और उसे संभलने का मौका तक नहीं मिला।

बाल-बाल बचा एक युवक

घटना के दौरान पास में मौजूद महावीरगंज का एक व्यक्ति भी हाथियों की चपेट में आने से किसी तरह बच निकला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथियों का यह झुंड पिछले 3 दिनों से इलाके में लगातार घूम रहा था, जिससे पहले से ही डर का माहौल बना हुआ था।

ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और गहरा शोक व्यक्त किया। वहीं, लोगों में प्रशासन और वन विभाग के प्रति नाराजगी भी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की मौजूदगी की जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई।

वन विभाग मौके पर, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रामानुजगंज अस्पताल भेज दिया गया है। विभाग ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

बढ़ता मानव-वन्यजीव संघर्ष बना खतरा

लगातार बढ़ रही हाथियों की गतिविधियां अब ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। इस घटना के बाद लोग जंगल जाने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि:

हाथियों की निगरानी बढ़ाई जाए
गश्त और अलर्ट सिस्टम लागू किया जाए
प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सुरक्षा व्यवस्था की जाए

बडा सवाल

जब हाथियों का झुंड 3 दिन से इलाके में था, तो सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए?

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