कृष्णा नगर पंचायत में ट्रैक्टरों से वसूली, बाजार रसीदों में काटा जा रहा “बालू शुल्क”; प्रशासन ने कहा जांच कर कार्रवाई करते हैं

रिपोर्ट: दुर्गेश गुप्ता | शंकरगढ़/बलरामपुर
जनपद पंचायत शंकरगढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत कृष्णा नगर में बालू परिवहन के नाम पर अवैध वसूली का बड़ा मामला उजागर हुआ है। आरोप है कि पंचायत स्तर पर ट्रैक्टर चालकों और बालू कारोबारियों से पर्ची काटकर मनमाने तरीके से पैसे वसूले जा रहे हैं, जबकि इस तरह की वसूली का कोई वैधानिक आधार नहीं है।
मामले ने तब गंभीर रूप ले लिया जब यह सामने आया कि पंचायत द्वारा बाजार शुल्क और अन्य मदों की रसीदों में ही “बालू” के नाम पर भी राशि जोड़कर वसूली की जा रही है। इससे न केवल नियमों की अनदेखी बल्कि राजस्व प्रणाली के दुरुपयोग की आशंका भी गहरा गई है।
इस पूरे मामले पर अनुविभागीय अधिकारी (SDM) अनमोल टोप्पो ने कहा है कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जनपद पंचायत सीईओ शंकरगढ़ ने भी स्पष्ट किया कि जांच के बाद जो भी उचित होगा, वह कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा ग्राम पंचायत सचिव के बयान से हुआ। सचिव ने स्पष्ट तौर पर कहा कि इस प्रकार पर्ची काटकर वसूली करना पूरी तरह अवैध है। उन्होंने यह भी बताया कि पंचायत की अधिकृत रसीदों का उपयोग नहीं किया जा रहा, बल्कि बाजार से रसीद खरीदकर उस पर वसूली की जा रही है। साथ ही, इस कार्य में पंचायत के उप सरपंच की भूमिका होने की बात भी सामने आई है।
दूसरी ओर, उप सरपंच ने इस पूरे मामले में अलग ही दलील दी है। उनका कहना है कि यह वसूली पंचायत की सहमति से की जा रही है और यदि किसी को आपत्ति है तो वह यहां से बालू लोड करने न आए।
इस विरोधाभासी बयान ने पूरे प्रकरण को और विवादित बना दिया है। बड़ा सवाल यह है कि यदि वसूली वैध है तो उसका कोई लिखित आदेश या नियम क्यों नहीं है, और यदि यह अवैध है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की अवैध वसूली से ट्रैक्टर चालक और छोटे स्तर के बालू व्यापारी सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पंचायत स्तर पर चल रहे इस तरह के अवैध खेल पर रोक लगाई जा सके।














