सामरी विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा की पहल से क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात,,जलाशय योजनाओं को मिली प्रशासनिक स्वीकृति, करोड़ों की लागत से बढ़ेगी सिंचाई क्षमता

✍️ दुर्गेश गुप्ता
📍 बलरामपुर/रामानुजगंज | विशेष रिपोर्ट
सामरी विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा की पहल और सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप बलरामपुर–रामानुजगंज जिले को जल संसाधन के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। राज्य शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा जिले के विभिन्न विकासखंडों में प्रस्तावित जलाशय योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इससे क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
जल संसाधन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार विकासखंड शंकरगढ़ एवं कुसमी क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित जलाशय योजनाओं के लिए करोड़ों रुपये की लागत स्वीकृत की गई है। शंकरगढ़ विकासखंड अंतर्गत प्रस्तावित जलाशय योजना की कुल लागत 3079.13 लाख रुपये स्वीकृत की गई है, जिससे लगभग 700 हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र एवं 350 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता विकसित होगी। कुल मिलाकर इस योजना से 1050 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी।
इसी तरह विकासखंड कुसमी अंतर्गत प्रस्तावित दाताराम (सामरी) जलाशय योजना को भी राज्य शासन से प्रशासनिक मंजूरी मिली है। इस योजना पर 882.43 लाख रुपये की लागत स्वीकृत की गई है, जिसके माध्यम से 250 हेक्टेयर वर्तमान एवं 100 हेक्टेयर अतिरिक्त, कुल 350 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
राज्य शासन द्वारा स्वीकृति के साथ ही निर्माण कार्य को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। योजनाओं का क्रियान्वयन तकनीकी स्वीकृति (TS) प्राप्त होने के बाद नियमानुसार निविदा प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। निर्माण कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि स्वीकृत राशि के भीतर ही कार्य पूर्ण हो तथा भूमि अर्जन एवं अन्य प्रक्रियाएं नियमानुसार पूरी की जाएं।
स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि लंबे समय से सिंचाई की समस्या से जूझ रहे किसानों के लिए यह योजना जीवनरेखा साबित होगी। जल उपलब्धता बढ़ने से कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सामरी विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा ने जलाशय योजनाओं को मिली प्रशासनिक स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा—

“सामरी विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। किसानों की इसी मूल समस्या को ध्यान में रखते हुए मैंने लगातार शासन के समक्ष जलाशय योजनाओं का प्रस्ताव रखा। आज इन योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिलना क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी राहत है। जलाशयों के निर्माण से सिंचित रकबा बढ़ेगा, खेती मजबूत होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। मैं इसके लिए मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री का आभार व्यक्त करती हूँ।”


















