बिलासपुर। रेत के बेतहाशा उत्खानन के चलते अरपा नदी के बिगड़े स्वरुप और उसके संवर्धन को लेकर चल रही जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान शासन ने जानकारी दी कि अवैध खनन को रोकने बनी 4 सदस्यीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। दूसरी ओर नगरीय प्रशासन विभाग ने नदी में गंदा पानी को रोकने 6 सदस्यों की कमेटी बनाई है। इसके लिए 103 करोड़ 68 लाख का बजट निर्धारित किया गया है। इसी कड़ी में सीवरेज ट्रीटमेंट का एक प्लांट शुरू कर दिया गया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई जुलाई में होगी।
अरपा नदी के संरक्षण और संवर्धन को लेकर एडवोकेट अरविंद शुक्ला व रामनिवास तिवारी ने अलग-अलग जनहित याचिका लगाई है। इसमें नदी के उद्गम स्थल को बचाने के साथ-साथ इसे प्रदूषित होने से रोकने के लिए भी शासन को आवश्यक उपाय करने की बात कही गई। दूसरी और अरपा अर्पण महा अभियान समिति ने भी नदी में विभिन्न स्थानों पर हो रहे अवैध खनन को लेकर जनहित याचिका पेश की है। इसमें बताया गया है कि शासन के प्रतिबंध के बाद भी कई स्थानों पर धड़ल्ले से खनन किया जा रहा है। इस मामले में सुनवाई के दौरान ही बारिश में खनन से बने एक गड्ढे में 3 बालिकाओं की नहाते समय मौत हो गई। इस पर भी हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया।
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