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MONSOON ALERT : मौसम ने ली करवट, 2 दिन बारिश की संभावना

रायपुर। एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। इस बार दक्षिण से आ रही ठंडी हवाओं ने यह बदलाव किया है। इसके कारण बस्तर, दुर्ग और रायपुर संभाग के कुछ जिलों में भी बारिश हुई है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि शनिवार-रविवार को राजधानी रायपुर और आसपास के इलाकों में बारिश की संभावना है।
शुक्रवार की शाम रायपुर और आसपास के जिलों में तेज ठंडी हवा का झोंका आया। रात भर ठंडी हवा चलती रही। आसमान में भी घने बादल छाए रहे। इस बीच, बस्तर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। दुर्ग और रायपुर संभाग के कुछ जिलों में भी हल्की बारिश हुई है। रायपुर में शनिवार की दोपहर 9.3 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा भी चल रही है। इसमें 38 प्रतिशत नमी होती है। रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा ने कहा, गर्मियों के दौरान एक सामान्य स्थिति बन जाती है कि समुद्र तल पर उच्च दबाव का क्षेत्र और मैदानी इलाकों में कम दबाव का क्षेत्र बन जाता है। वायु का स्वभाव उच्च दाब से निम्न दाब की ओर प्रवाहित होना है। इसके चलते छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी से दक्षिण हवा तेजी से आ रही है। यह हवा ठंडी होती है और इसमें नमी भी होती है। वहीं दूसरी ओर उत्तर से शुष्क और गर्म हवाएं आ रही हैं। ये हवाएं मध्य छत्तीसगढ़ में टकरा रही हैं। ऐसे में अनियमित तूफान जैसी स्थिति बन रही है।
इस तरह तापमान बदल गया है
मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा कहते हैं, बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाओं का असर दक्षिण-मध्य छत्तीसगढ़ के इलाकों पर पड़ रहा है। इससे इन इलाकों में अपेक्षाकृत गर्मी से राहत महसूस की जा रही है। उत्तरी छत्तीसगढ़ के इलाकों में अभी भी तापमान काफी गर्म है। शुक्रवार को अंबिकापुर-पेंड्रा रोड जैसे इलाकों में दोपहर का तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। वहीं, रायपुर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार दोपहर रायपुर का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। दुर्ग और राजनांदगांव में यह तापमान 29 डिग्री के आसपास है।
सोमवार के बाद बढ़ेगी गर्मी
मौसम विज्ञानियों ने भविष्यवाणी की है कि दक्षिणी हवाओं का असर अगले दो दिनों तक मौसम में बना रहेगा। यानी 11 अप्रैल से एक बार फिर मौसम बदलेगा। इसे बदलने से अधिकतम तापमान में वृद्धि होगी। दिन और रात के तापमान में अंतर कम होगा। इससे गर्मी जैसी स्थिति बन जाएगी। लू लगने का खतरा बढ़ जाएगा। पिछले 10 साल में अप्रैल महीने में तीन बार यहां का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या इससे अधिक रहा है।

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