सेवा ही धर्म: सरहुल और हनुमान जयंती पर हजारों लोगों तक पहुंचा पानी,,सरहुल महापर्व पर दिखी सेवा भावना

✍️ दुर्गेश गुप्ता

📍कुसमी/बलरामपुर

चैत पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित सरहुल (खद्दी) पूजा एवं हनुमान जयंती के दौरान तहसील कुसमी के तापा मदगुरी में सेवा और समर्पण का एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद, जिला बलरामपुर एवं तहसील/तापा इकाई के संयुक्त तत्वावधान में श्रद्धालुओं के लिए विशाल पेयजल सेवा शिविर का आयोजन किया गया।

इस सेवा शिविर में दूर-दराज़ से पहुंचे लगभग 15,000 श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया गया। भीषण गर्मी के बीच यह पहल श्रद्धालुओं के लिए राहत का बड़ा सहारा बनी और लोगों ने इस मानवीय प्रयास की सराहना की।

कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि इस तरह के सेवा कार्य समाज में मानवता, एकता और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को सशक्त बनाने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि संगठन भविष्य में भी इसी प्रकार के जनहितकारी कार्य करता रहेगा।

इस अवसर पर संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें राष्ट्रीय सचिव मोहम्मद असलम आजाद, छत्तीसगढ़ प्रांताध्यक्ष बृजमोहन सिंह ठाकुर, सरगुजा संभाग अध्यक्ष जन्मजय सिंह ठाकुर, जिला अध्यक्ष रामसाय राम, जिला उपाध्यक्ष विजय कुमार गुप्ता, जिला प्रवक्ता मोहम्मद नईमुद्दीन खान, तहसील अध्यक्ष जगमोहन सोनवानी, उपाध्यक्ष चन्द्रबलि राम, तहसील सचिव सूर्यकांत जायसवाल, शैक्षणिक संरक्षक एस. डी. लकड़ा, महिला संरक्षक सबीना खलखो, महिला सचिव पूनम सोनवानी तथा मीडिया प्रभारी प्रवीण कुमार भगत प्रमुख रूप से शामिल रहे।

सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयास से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। क्षेत्रीय नागरिकों ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में सकारात्मक संदेश फैलाते हैं और युवाओं को सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।

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