कृषि मंत्री ने किया वन शहीद स्मारक का लोकार्पण शहीद वनकर्मियों को दी श्रद्धांजलि,,वन संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी – मंत्री रामविचार नेताम

✍️ दुर्गेश गुप्ता
बलरामपुर, 11 अप्रैल। आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन, पशुधन विकास विभाग के मंत्री श्री रामविचार नेताम शुक्रवार को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने वनमंडलाधिकारी कार्यालय परिसर में निर्मित वन शहीद स्मारक का लोकार्पण कर शहीद वनकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश जायसवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंह देव, नगर पालिका अध्यक्ष श्री लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी, उपाध्यक्ष श्रीमती बबली देवी, कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर, वनमंडलाधिकारी श्री आलोक बाजपेयी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि यह स्मारक उन वनकर्मियों के अदम्य साहस और बलिदान का प्रतीक है, जिन्होंने कर्तव्य पालन के दौरान अपने प्राण न्यौछावर किए। उन्होंने कहा कि वन, पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसे वनकर्मी कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर निभाते हैं।

उन्होंने अवैध कटाई, वनाग्नि, अवैध कब्जा और अवैध शिकार जैसी गतिविधियों को वनों के लिए गंभीर खतरा बताते हुए नागरिकों से वन संरक्षण में सहयोग की अपील की। मंत्री ने गर्मी के मौसम में वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बरतने तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही।
कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा ने कहा कि शहीद वनकर्मियों की स्मृति में निर्मित यह स्मारक उनके साहस और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वन, राजस्व एवं पुलिस विभाग के समन्वित प्रयासों से वनाग्नि की घटनाओं में कमी आई है और त्वरित कार्रवाई से आग पर नियंत्रण पाया जा रहा है।

वनमंडलाधिकारी श्री आलोक बाजपेयी ने कहा कि वन कर्मियों के बलिदान की स्मृति में प्रतिवर्ष वन शहीद दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 में वनरक्षक स्वर्गीय श्री रामजी राम जायसवाल एवं स्वर्गीय श्री बीरेन्द्र कुमार सिन्हा की नक्सलियों द्वारा हत्या कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 35 वनकर्मियों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान बलिदान दिया है।


















