सूरजपुर,/कौशलेन्द्र यादव ।राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-43 की सिलफिली बटालियन से कालीघाट तक की जर्जर और जानलेवा स्थिति को लेकर जिला पंचायत सदस्य व युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष नरेंद्र यादव के नेतृत्व में स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने व ध्यानाकर्षण के बावजूद सड़क की मरम्मत और सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से नाराज ग्रामीण अब सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। उक्ताशय पर जिला पंचायत सदस्य नरेंद्र यादव ने बताया कि एनएच -43 की यह सड़क लंबे समय से बदहाल है। गड्ढों से भरी इस सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो गया है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, क्योंकि सड़क पर कीचड़ और पानी जमा होने से आवागमन लगभग ठप हो जाता है। उन्होंने कहा, हमने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब हमें मजबूरन चक्का जाम और विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि 19 जुलाई का चक्का जाम केवल शुरुआत है। यदि प्रशासन ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन की योजना बना रहे हैं, जिसमें जिले के अन्य हिस्सों से भी लोग शामिल होंगे। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी इस मुद्दे पर साथ देने की अपील की है। वहीं दूसरी तरफ इसकी जानकारी सार्वजनिक होने पर इस विरोध प्रदर्शन को लेकर जनचर्चा में सर्वाधिक तौर पर लोगों की जुबां पर यह शब्द है कि यह जिले में एक बड़े आंदोलन की शुरुआत हो सकता है। सभी की निगाहें अब प्रशासन की प्रतिक्रिया और इस विरोध प्रदर्शन के परिणाम पर टिकी हैं।
आज होगा चक्का जाम और विरोध प्रदर्शन
नरेंद्र यादव के नेतृत्व में 19 जुलाई को सिलफिली ग्रामीण बैंक के सामने, सिलफिली सोसायटी के पास बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित होंगे। इस दौरान एनएच 43 पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यादव ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण होगा, लेकिन जब तक सड़क की मरम्मत का ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक ग्रामीण पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की मरम्मत के लिए तत्काल बजट स्वीकृत किया जाए और कार्य शुरू किया जाए।
ग्रामीणों की समस्याएं और मांगें
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर सड़क के कारण न केवल दैनिक आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। सिलफिली और आसपास के गांवों के लोग इस सड़क पर निर्भर हैं, जो मध्य प्रदेश और झारखंड को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क को तत्काल दुरुस्त किया जाए और भविष्य में इसकी नियमित देखरेख सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
जिला प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन उनकी समस्याओं के प्रति उदासीन बना हुआ है। नरेंद्र यादव ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस दिशा में कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रशासन से अपील
जिला पंचायत सदस्य नरेंद्र यादव ने प्रशासन से अपील की है कि वह इस मामले को गंभीरता से ले और तत्काल कार्रवाई शुरू करे। उन्होंने कहा, हम शांति चाहते हैं, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि हमारी आवाज सुनी जाए। एनएच-43 की मरम्मत न केवल सूरजपुर के लोगों के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी है।
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