बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध की जयंती को बुद्ध पूर्णिमा के तौर पर मनाया जाता है। गौतम बुद्ध के बचपन का नाम सिद्धार्थ गौतम था जिन्होंने वैशाख पूर्णिमा के दिन जन्म लिया था। माता माया देवी और पिता शुद्धोधन के यहां बालक सिद्धार्थ गौतम ने जन्म लिया जिन्होंने बड़े होकर ज्ञान की प्राप्ति की। उनके उपदेश दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचे।
बुद्ध के उपदेशों से बौद्ध धर्म का जन्म हुआ। उनके उपदेशों पर आधारित जीवन जीने वाले बौद्ध कहलाए। दक्षिण और पूर्वी एशिया में बौद्ध धर्म का बहुत प्रसार हुआ। चीन, वियतनाम, कंबोडिया, म्यांमार, थाईलैंड, जापान जैसे देशों में बड़ी संख्या में बौद्ध मतावलंबी हैं।
हिंदू धर्म मानने वाले वैशाख पूर्णिमा के दिन नदियों में स्नान, व्रत, दान और पितरों के नाम तर्पण करते हैं। पूर्णिमा तिथि आज सोमवार को शाम 7 बजकर 22 मिनट तक रहेगी जिसका प्रारंभ रविवार शाम 6 बजकर 55 मिनट से हुआ था। वैशाखी पूर्णिमा के पूजा का मुहूर्त सोमवार दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से लेकर 12 बजकर 45 मिनट तक बताया गया है।
वैशाख पूर्णिमा को रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने की भी परंपरा है। इसके लिए चंद्रोदय के समय एक लोटे में जल, दूध और अक्षत डाल लें और आसमान में उदित चंद्रमा की तरफ अर्घ्य दें। इस बार वैशाख पूर्णिमा पर रवि योग बन रहा है। वहीं, पूरे दिन बुधादित्य योग और वरियन योग का भी प्रभाव रहेगा। वैशाख पूर्णिमा पर आज कुछ राज्यों में बैंक और स्कूल बंद हैं, लेकिन शेयर बाजार खुला है।
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